Aadhar Card Update: आधार कार्ड में बड़े बदलाव अब नहीं दिखेगा पता, जन्मतिथि और आधार नंबर

Aadhar Card Update: आधार से जुड़ी सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने आधार पहचान प्रणाली में बड़ा परिवर्तन करने की तैयारी कर ली है। आने वाले समय में अब आपको मिलने वाला नया आधार कार्ड पहले की तरह संवेदनशील जानकारियां प्रदर्शित नहीं करेगा। कार्ड पर न तो पता होगा, न जन्मतिथि और न ही 12 अंकों का आधार नंबर। इसके स्थान पर केवल फोटो और एक क्यूआर कोड दिया जाएगा, जिसे स्कैन करके ही पहचान सत्यापन किया जा सकेगा।

Aadhar Card का बढ़ता उपयोग और बढ़ती शिकायतें

बीते वर्षों में आधार कार्ड पहचान और सत्यापन का सबसे भरोसेमंद दस्तावेज बन चुका है। लोन, पासपोर्ट, पेंशन, स्कूल एडमिशन से लेकर होटल चेक-इन और सरकारी योजनाओं तक लगभग हर जगह इसकी जरूरत होती है।

इसी बढ़ती उपयोगिता के साथ डेटा के दुरुपयोग की शिकायतें भी तेजी से सामने आईं, क्योंकि आधार कार्ड पर पता, जन्मतिथि और पूरी जानकारी लिखी होती है। कई बार होटलों, कार्यक्रम आयोजकों और निजी संस्थानों द्वारा आधार की फोटो कॉपी जमा कर ली जाती है, जिससे डेटा लीक और फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है।

Aadhar Card Update

नया आधार पहचान पत्र: अब केवल फोटो और क्यूआर कोड

यूआईडीएआई के अनुसार नया आधार कार्ड गोपनीयता को प्राथमिकता देगा। नए कार्ड में:

  • केवल फोटो
  • एक सुरक्षित क्यूआर कोड

इस क्यूआर कोड में व्यक्ति की एन्क्रिप्टेड जानकारी होगी, जिसे केवल स्कैन करके सत्यापित किया जा सकेगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि 12 अंकों वाला आधार नंबर भी कार्ड पर प्रिंट नहीं होगा, जिससे किसी भी तरह की गलत नीयत रखने वाले व्यक्ति को जानकारी हासिल करना आसान नहीं होगा।

ऑफलाइन वेरिफिकेशन में होगी बड़ी कटौती

अधिकारियों का कहना है कि जब तक आधार कार्ड पर जानकारी छपी रहती है, होटल, कंपनियां, कार्यक्रम आयोजक आदि ऑफलाइन वेरिफिकेशन के नाम पर कार्ड की फोटोकॉपी जमा करते रहेंगे। ऐसी स्थिति में:

  • डेटा संग्रह होता रहता है
  • कई बार संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है
  • फ्रॉड के केस बढ़ जाते हैं

इसलिए नया आधार कार्ड ऑफलाइन वेरिफिकेशन को कम करने पर फोकस करेगा। अब पहचान के लिए केवल क्यूआर कोड स्कैन करना होगा, जिससे जानकारी सुरक्षित और सीमित रहेगी।

Aadhar Card Update आधार एक्ट और गोपनीयता नियम

वर्तमान कानूनों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति से ऑफलाइन सत्यापन के लिए उसका आधार कार्ड जमा करवाना या उसकी बायोमैट्रिक जानकारी मांगना गलत माना जाता है। इसके बावजूद कई जगहों पर होटल, लॉज, इवेंट आयोजक और निजी संस्थान पहचान के नाम पर आधार कार्ड की कॉपी जमा कर लेते हैं। नए नियमों का मकसद ऐसे जोखिमपूर्ण तरीकों को रोकना है।

1 दिसंबर से प्रस्ताव लागू होने की उम्मीद

  • यूआईडीएआई द्वारा किए गए प्रस्तावों पर 1 दिसंबर को समीक्षा की जानी है।
  • यदि मंजूरी मिलती है, तो आधार कार्ड का उपयोग करने के तरीके में बड़ा बदलाव आएगा।
  • अब किसी भी दस्तावेज के रूप में आधार की कॉपी देने के बजाय ऑनलाइन वेरिफिकेशन को प्राथमिकता दी जाएगी – चाहे वह क्यूआर कोड के माध्यम से हो या आधार नंबर को एंटर करके।

नई आधार ऐप से जुड़ी सुविधाएं

यूआईडीएआई ने एक नया आधार ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप में सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

  • पता अपडेट
  • मोबाइल नंबर अपडेट
  • परिवार के सदस्यों को जोड़ने
  • आधार स्टेटस चेक करने

भविष्य में इस ऐप के माध्यम से सिनेमा हॉल, होटल, कार्यक्रम, एयरपोर्ट और सुरक्षा जांच जैसी सेवाओं में भी आधार सत्यापन संभव हो सकता है।

पहचान साबित करने का नया तरीका

नए नियमों के अनुसार आधार कार्ड केवल पहचान का प्रमाण होगा, लेकिन उस पर पता या जन्मतिथि जैसी जानकारी नहीं मानी जाएगी।

  1. कई क्षेत्रों में यह बड़ा बदलाव साबित होगा:
  2. व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहेगी
  3. पहचान चोरी की घटनाएं कम होंगी
  4. किसी भी संस्था को संवेदनशील डेटा नहीं मिलेगा
  5. ऑफलाइन दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता घटेगी

यूआईडीएआई का यह कदम करोड़ों नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने की दिशा में बड़ा सुधार है। डिजिटल इंडिया के समय में जब पहचान चोरी और साइबर फ्रॉड बढ़ रहे हैं, ऐसे बदलाव न केवल आवश्यक हैं बल्कि समय की मांग भी।
नया आधार कार्ड आने के बाद लोग अपनी गोपनीयता को लेकर ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया और भी आधुनिक और सुरक्षित बन जाएगी।

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